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ही है नहीं ने यूँ उसे मुहब्बत पैसों का सुनाई है प्रणाम ही नहीं ही खेल मॉं का उपकार नहीं चुका सकते ने तान आँसू माँ मॉं ने पाला जहां है है सारा भौरों मारा है अपनों

Hindi दोष सरहदों का नहीं इन्हें इंसानों ने ही बनाया है Poems